भोपाल. मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपनी ​पहली लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में कई बड़े नेताओं के टिकिट काटे गए हैं. टिकिट कटने को लेकर बीजेपी के यह बड़े नेता नाराज हो गए हैं  पार्टी में चारों ओर घमासन मच गया है. नेता खुले आम बीजेपी को चुनौती दे रहे हैं.कई नेताओं ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा भी कर दी, तो कई नेताओं ने बोला कि पार्टी को चुनावों में इसका खामियाजा भुगतना होगा. कुल मिलाकर जो स्थिति है, उसे देखकर तो यही बोलाजा सकता है कि बीजेपी की राह सरल नहीं होगी.

सूत्रों के अनुसार, बीजेपी की सबसे ज्यादा बगावत नरसिंहपुर जिले में हो रही हैं. यहां से भाजपा छोड़ कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए नेता संजय शर्मा ने करीब 4000 कार्यकर्ताओं को कांग्रेस पार्टी में शामिल करवाया है. इससे बीजेपी के लिए इस जिले में खासी कठिनाई खड़ी हो गई है. वहीं रीवा जिले में भी बीजेपी के ​दिग्गज नेता रामोराम गुप्ता ने बीजेपी का साथ छोड़ दिया है. रामोराम गुप्ता संघ पृष्ठभूमि के नेता हैं. इसके अतिरिक्त सिंगरौली से भी ​विरोध के स्वर फूट रहे हैं. सिंगरौली से पूर्व मंत्री जगन्नाथ सिंह की बहू राधा ​सिंह ने भी टिकिट न मिलने पर बीजेपी से किनारा कर लिया है.राधा सिंह अपने लिए चितरंगी विधानसभा एरिया से टिकिट मांग रही थीं.

यहां भी हो रहा विरोध

सागर से शैलेंद्र जैन को बीजेपी ने अपना प्रत्याशी बनाया है, तो पार्टी के नेता मुकेश जैन ढाना ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया. वहीं बीजेपी के निष्कासित नेता श्यामसिंह मीणा भोपाल की हुजूर सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं, तो पूर्व विधायक जितेंद्र डागा भी कांग्रेस पार्टी में शामिल हो सकते हैं. इसके अतिरिक्त विदिशा में बीजेपी प्रत्याशी मुकेश टंडन का जबरदस्त विरोध हो रहा है. सीहोर से बीजेपी ने पूर्व विधायक रमेश सक्सेना की पत्नी ऊषा सक्सेना का टिकिट काटकर निर्दलीय विधायक सुदेश राय को टिकिट दिया है. अब ऊषा सक्सेना निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुकी हैं.