एनएचएम में संविदा के 1593 पदों पर भर्ती के लिए फर्जी विज्ञापन जारी कर दिया गया। आवेदकों ने नौकरी के लिए जब यूपी के उन्नाव जिले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया तब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। एनएचएम ने प्रदेश के सभी सीएमओ को पत्र भेजकर किसी भी तरह की भर्ती किए जाने से इंकार किया है। पत्र के मुताबिक धोखाधड़ी करने वालों ने इस तरह का विज्ञापन प्रकाशित कराया है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के पत्र संख्या एफ 20(504) एनएचएम/एचआरटी/2018/1308 में प्रदेश के चार मंडलों में काउंसलर, कंप्यूटर ऑपरेटर और वार्ड ब्वाय के लिए 1593 पदों पर भर्ती के लिए 27 अगस्त को एक विज्ञापन प्रकाशित किया गया था। विज्ञापन में पांच वर्ष तक के अनुबंध का जिक्र था। विज्ञापन में 27 सितंबर तक लोगों से आवेदन एक निजी संस्था की वेबसाइट पर करने के निर्देश दिए गए थे। इस बीच कुछ लोगों ने मामले की हकीकत जानने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों से संपर्क शुरू किया तो अधिकारियों ने ऐसे किसी भी भर्ती की जानकारी होने से इंकार कर दिया।

उन्होंने एनएचएम को भी मामले से अवगत कराया। एनएचएम के अधिकारियों ने जब पूरे मामले की जानकारी की तो उन्हें फर्जी तरीके से विज्ञापन जारी करने की बात पता चली। ऐसे में एनएचएम की महाप्रबंधक मानव संसाधन सुधा यादव ने प्रदेश के सभी सीएमओ को पत्र जारी किया है। पत्र के मुताबिक उन्होंने विज्ञापन के पत्रांक संख्या का हवाला देते हुए ऐसा कोई भी विज्ञापन न जारी किए जाने की बात लिखी है। सीएमओ डॉ. लालता प्रसाद ने बताया कि एनएचएम की ओर से आदेश मिला है। कुछ लोगों ने जानकारी की थी उन्हें फर्जी विज्ञापन की जानकारी दी जा चुकी है।

विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए जारी किए गए विज्ञापन में मेरठ, आगरा, लखनऊ और वाराणसी मंडल में काउंसलर, कंप्यूटर ऑपरेटर और वार्ड ब्वाय के पदों पर मंडलवार भर्ती का ब्योरा दिया गया था। शुरुआत में विभाग के अधिकारियों ने भी विज्ञापन को सही माना था। हालांकि उन्होंने जब लखनऊ में बैठे अधिकारियों से संपर्क किया तब मामले की हकीकत सामने आ सकी।